Show download pdf controls
  • शेयरिंग इकोनोमी (आर्थिक साझेदारी) तथा कर - अन्य भाषायें

    ऑस्ट्रेलिया में बहुत सारी शेयरिंग इकोनोमी (आर्थिक साझेदारी) वेबसाइट्स तथा एप्प्स का संचालन किया जा रहा है। अगर आप उनमें से किसी के भी माध्यम से सामान या सेवायें प्रदान करते हैं तो, आपको इस बात पर विचार करने की ज़रुरत है कि आपकी कमाई पर जीएसटी तथा आयकर कैसे लागू होते हैं।

    शेयरिंग इकोनोमी में ख़रीददारों (यूज़र्स) और विक्रेताओं (प्रोवाइडर्स) को, किसी वेबसाइट या एप्प के माध्यम से संचालन का कार्य करने वाले एक फैसिलिटेटर (सुगमकर्ता) द्वारा, परस्पर संपर्क में लाया जाता है।

    शेयरिंग इकोनोमी की लोकप्रिय सेवाओं में शामिल हैं:

    • अल्पकाल के लिए एक कमरा या पूरा मकान या युनिट किराये पर दिलवाना
    • किराया लेने वाली टैक्सी यात्रा सेवायें (जिसे 'राइड-सोर्सिंग' कहते हैं) उपलब्ध कराना
    • निजी सेवायें, जैसे कि ग्राफिक डिज़ाइन, वेबसाइटों की रचना जैसी रचनात्मक या संव्यवसायिक सेवायें, या डिलिवरीज़ (सामान पहुँचाने) या फर्नीचर संयोजन जैसे ऑड कार्यों की सेवायें, उपलब्ध कराना
    • कार रखने (पार्किंग) के एक स्थान को किराये पर दिलवाना

    आपको जो करने की ज़रुरत है

    आप जो वस्तुएँ या सेवायें उपलब्ध कराते हैं उनके आधार पर अलग-अलग कर दायित्व होते हैं:

    • क्या आपको अपने इनकम टैक्स रिटर्न में आपनी आय घोषित करने की ज़रुरत है
    • क्या आप एक कारोबार चला रहे हैं
      • क्या आपको एक एबीएन की ज़रुरत है
      • क्या आपको जीएसटी के लिए पंजीकरण कराने और गतिविधि वक्तव्यों को जमा करवाने की ज़रुरत है
       
    •  आप जो सामान या सेवायें उपलब्ध करवाते हैं क्या उनके मूल्य में जीएसटी शामिल है
    • आपको अपनी बिक्रियों के लिए टैक्स बिल (इन्वॉइस) भेजने की ज़रुरत है क्या और कब भेजने की ज़रुरत है
    • आप, अपनी कमाई करने से संबंधित खर्चों के लिए, किन-किन जीएसटी क्रेडिट और आयकर छूटों के लिए दावा कर सकते हैं
    • आपकी शेयरिंग इकोनोमी की सभी गतिविधियाँ संयुक्त रुप से, आपके जीएसटी और आयकर दायित्वों को, कैसे प्रभावित करती हैं

    इसे भी देखें

    अगर आप शेयरिंग इकोनोमी की सेवाओं में से कोई भी सेवा प्रदान कर रहे हैं, या उस बारे में सोच रहे हैं, तो अंग्रेज़ी में और अधिक जानकारी उपलब्ध हैः

      Last modified: 02 Aug 2016QC 49767